परमपावन चौदहवें दलाई लामा ब्स्तन-ह्ज़िन र्ग्य-म्छ़ो ༸རྒྱལ་བ་སྐུ་ཕྲེང་བཅུ་བཞི་པ་བསྟན་འཛིན་རྒྱ་མཚོ། (rgyal ba sku phreng bcu bzhi pa, bstan ‘dzin rgya mtsho)

Author(s): टाशी नामगेल

Abstract:

चौदहवें दलाई लामा, ब्स्तन-ह्ज़िन र्ग्य-म्छ़ो (བསྟན་འཛིན་རྒྱ་མཚོ།, Wylie: bsTan 'dzin rgya mtsho), का जन्म 6 जुलाई, 1935 को एक किसान परिवार में तिब्बत के उत्तर-पूर्व में स्तग्छ़ेर (སྟག་ཚེར།, Wylie: sTag tsher) नामक छोटे-से गाँव में हुआ था। तिब्बती पंचांग के अनुसार, यह शिंग-फग (ཤིང་ཕག, Wylie: shing phag) वर्ष के पाँचवें महीने का पाँचवाँ दिन था। स्तग्छ़ेर (སྟག་ཚེར།, Wylie: sTag tsher) म्दोखम (མདོ་ཁམས།, Wylie: mDo khams) ज़िले में स्थित है। यह नाम विवरणात्मक है; भोटी भाषा में 'स्तग्छ़ेर' (སྟག་ཚེར།, Wylie: sTag tsher) का अर्थ 'दहाड़ता बाघ' है, 'म्दो' (མདོ, mDo) का अर्थ 'घाटी का निचला भाग' है, जो मैदान तक फैला है, और तिब्बत का पूर्वी भाग, जहाँ तिब्बतियों की विशेष जाति खम्स-पा (ཁམས་པ།, Wylie: Khams pa) रहती है, 'खम्स' (ཁམས།, Wylie: Khams) कहलाता है। स्तग्छ़ेर (སྟག་ཚེར།, Wylie: sTag tsher) गाँव समुद्र तल से 9,000 फीट की ऊँचाई पर है।

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