Author(s): डॉ.अमित कुमार पाण्डेय
Abstract:
महाभारत भारतीय सभ्यता का एक ऐसा महाकाव्य है जो केवल ऐतिहासिक घटनाओं या वंश-परम्पराओं का विवरण नहीं देता, अपितु तत्कालीन समाज, राजनीति, धर्म, नैतिकता, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक जीवन का बहुआयामी चित्र प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ मानव-प्रवृत्तियों के उत्कर्ष और पतन—दोनों का सम्यक् विवेचन करता है। प्रस्तुत शोध आलेख में महाभारत-कालीन समाज एवं संस्कृति के विविध पक्षों—राजनीतिक व्यवस्था, प्रशासन, न्याय-प्रणाली, सैन्य संगठन, वर्णाश्रम व्यवस्था, विवाह एवं पारिवारिक संरचना, शिक्षा प्रणाली, स्त्री-स्थिति, आमोद-प्रमोद तथा धार्मिक जीवन—का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि जहाँ एक ओर महाभारत-कालीन समाज वैदिक परम्पराओं से पोषित और सुव्यवस्थित था, वहीं दूसरी ओर उसमें नैतिक शिथिलता, सत्ता-संघर्ष, छल-कपट और सामाजिक संक्रमण की प्रवृत्तियाँ भी प्रबल हो चुकी थीं। इस प्रकार महाभारत भारतीय सामाजिक इतिहास का एक शाश्वत दर्पण बनकर उभरता है।
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