Author(s): अनुराग श्रीवास्तव
Abstract:
नागौद का राजनैतिक विरासत समृद्ध, अनूठा एवं अकल्पनीय है और यहां की भौगोलिक स्थिति ने राजनैतिक संरचना को अत्यधिक प्रभावित किया है । इस क्षेत्र का इतिहास सदैव से गौरवपूर्ण रहा है जहाँ पर अधिकार करने के लिए आक्रांताओं को मुहं की खानी पड़ी । इस क्षेत्र की प्राचीन काल में राजनीतिक व्यवस्था को अवलोकन करें तो यहाँ पर जनपद,महाजनपदों के समय से ही साम्राज्यवादी विस्तार की होड़ मची हुई थी । धीरे-धीरे राजपूत काल में गुर्जर प्रतिहारों शासकों ने अपने बाहुबल से नागौद की गौरव पताका को फहराया 1857 की क्रांति में इस भूमि के अनेक नायकों ने अपने प्राणों की आहूति दी । इस क्षेत्र के जलद त्रिमूर्ति ने स्वतंत्रता आंदोलन में प्रांतीय कांग्रेस कमेटी सदस्य के रूप में शामिल होकर देश को आजाद कराने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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