Author(s): भावना चौहान , Prof. (Dr.) Rajesh Kumar Kaswan
Abstract:
यह शोध-पत्र प्राचीन भारतीय परंपरा में वर्णित ‘ओम’ (AUM) मंत्र के जाप के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है। पारंपरिक योगिक ग्रंथों के दार्शनिक आधार और आधुनिक तंत्रिका विज्ञान, मनोविज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान के साक्ष्यों का संश्लेषण करते हुए, यह अध्ययन इस अभ्यास के बहुआयामी लाभों की पुष्टि करता है। कार्यप्रणाली में द्वितीयक डेटा विश्लेषण शामिल है, जिसमें पत्रकारिता लेखों, ब्लॉग पोस्टों, और नैदानिक अध्ययनों के सारांशों का उपयोग किया गया है। प्रमुख निष्कर्ष बताते हैं कि ओम जाप मस्तिष्क के एमिग्डाला क्षेत्र को निष्क्रिय कर तनाव और चिंता को कम करता है, एकाग्रता और स्मृति में सुधार करता है, और हृदय गति एवं रक्तचाप को संतुलित करता है। यह रिपोर्ट निष्कर्ष निकालती है कि ओम जाप एक वैज्ञानिक रूप से मान्य अभ्यास है, जिसकी वर्तमान आधुनिक जीवनशैली के तनाव को प्रबंधित करने में अत्यधिक प्रासंगिकता है।
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