International Journal of Multidisciplinary Horizon
ISSN No. : XXXX – XXXX
Peer Reviewed Journal
Author’s Helpline : +91 – 8368 241 690
Mail to Editor: [email protected]
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Author(s): डॉ. सुषमा जोशी
संस्कृत साहित्य में महर्षि बाल्मीकि कृत रामायण को आदिकाव्य माना जाता है। समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने इस भारत भूमि में जन्म लेकर तथा अपनी लेखनी उठाकर अनेक ऐसे काव्य लिख डाले हैं, जो कि आज भी दुर्लभ हैं। इन्हीं महापुरुशों मे महर्षि बाल्मीकि भी एक दैदिव्यमान नक्षत्र के समान प्रकाशमान हैं, जो कि आज भी अपनी रचना रामायण के साथ साहित्य जगत रुपी आकाश में अपनी पूर्ण प्रतिभा के साथ चमकते हैं और अपने ज्ञानरुपी प्रकाश से आज भी हमारा पथ प्रदर्शन करते हैं। वैदिक दृष्टि और काव्य की सृष्टि की क्षमता से सम्पन्न बाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से वेद का सार और वैदिक सूक्तियों का वैभव मानव जाति तक पहुँचाया है।