International Journal of Multidisciplinary Horizon
ISSN: 3049 – 2017
Impact Factor (RJIF): 7.8
Peer Reviewed Journal
Author’s Helpline: +91 – 8368 241 690
Email: [email protected] / [email protected]
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Author(s): Mr. Santosh Kolhe, Dr. Shewli Chakraborty
आधुनिक काल मे योग का अधिक प्रचार व प्रसार हो रहा है । इसी कारण योग मे आसनों को एक विशेष महत्व प्राप्त हुआ है, हठप्रदीपिका और घेरण्ड संहिता यह योग के प्राचीन ग्रंथ है । केवल्य प्राप्ति के लिए योग साधना महत्वपूर्ण कहलाती है। स्वात्माराम जो की हठप्रदीपिका के रचेता है और स्वामी निरंजन द्वारा घेरण्ड संहिता प्रचार मे है । इन ग्रंथों मे आसन संबंधित महत्वपूर्ण उपदेश दिए गए है जो की इस शोधपत्र को प्रभावित करते है । इस शोधपत्र मे आसन को विस्तार से वर्णित किया गया है। इस शोधपत्र मे “हठप्रदीपिका तथा घेरण्ड संहिता के आसन में क्या समानताएं हे इस विषय का वर्णन किया गया है, अर्थात इस शोधपत्र से असनोकी सही जानकारी प्राप्त होगि ।