International Journal of Multidisciplinary Horizon
ISSN: 3049 – 2017
Impact Factor (RJIF): 7.8
Peer Reviewed Journal
Author’s Helpline: +91 – 8368 241 690
Email: [email protected] / [email protected]
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Author(s): श्वेता पाण्डेय, प्रो. आशारानी पाण्डेय
दक्षिण भारत का वेंकटगिरि अथवा शेषाचल क्षेत्र भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक परम्परा में एक विशिष्ट स्थान रखता है। यह क्षेत्र न केवल वैष्णव भक्ति परम्परा का केन्द्र है, अपितु अपने पौराणिक आख्यानों, पर्वतीय भू-संरचना तथा ऐतिहासिक-राजनीतिक परिवर्तनों के कारण भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य महाकवि वेंकटाध्वरि कृत विश्वगुणादर्शचम्पू के आलोक में वेंकटगिरि के पौराणिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्वरूप का विश्लेषण करना है। इसमें वाराहपुराण, स्कन्दपुराण एवं भविष्योत्तरपुराण के सन्दर्भों के माध्यम से वेंकटाचल के विभिन्न नामों, युगानुसार महात्म्य तथा उसके ऐतिहासिक-भौगोलिक विकास को स्पष्ट किया गया है। साथ ही 17वीं शताब्दी की राजनीतिक परिस्थितियों और आधुनिक भौगोलिक-पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में इस क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर भी विचार किया गया है।