‘एक कहानी यह भी’ आत्मकथा में आर्थिक परिस्थितियाँ

Author(s): डॉ. राय साहब पाल

Abstract:

आर्थिक शब्द से आशय है, जीवन यापन करने के संसाधन । किसी भी व्यक्ति, घर, परिवार, समाज और देश को संचालित करने में धन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है । प्रत्येक व्यक्ति का रहन-सहन, खान-पान, वेश भूषा आदि उनके आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है । मन्नू भण्डारी की आत्मकथा में आर्थिक स्थिति का समायानुसार अलग-अलग अभिव्यक्ति की गई है । इन आत्मकथाओं में उनके घर, परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति के साथ-साथ देश-विदेश की आर्थिक स्थिति का भी चित्रण किया गया है। दलित समाज की आर्थिक समस्याओं का उल्लेख भी हुआ हैं । दलित समाज में गरीबी और अभाव में बच्चों की अकाल मृत्यु आम बात थी । उनके नाना और नानी मिलकर गाँव का काम संभालते थे । गाँव से मिली जूठन, रोटी, अनाज और उतरन के कपड़ों से उनका जीवन चलता था । उनकी नानी दुख और कष्ट उठाती हुई स्वयं भी गाँव में काम करती थीं । इस आत्मकथा में आर्थिक विषमता, बेरोजगारी और धन संपत्ति को लेकर एक-दूसरे के प्रति द्वेष की भावना, पैसे के लिए हत्या करना आदि का चित्रण भी दिखाई पड़ता है । लेखिका मन्नू भण्डारी ने स्त्रियों की आर्थिक स्थिति का भी उल्लेख किया है। उक्त आत्मकथा में समाज की आर्थिक परिस्थितियों का ही विश्लेषण किया जायेगा।

PDF URL: View Article in PDF