Author(s): पुष्पा देवी पटेल, डॉ.रघुनाथ पाल
Abstract:
बुंदेली लोक कवि खेतसिंह यादव ‘राकेश’ का काव्य बुंदेलखंड की प्रकृति संपदा ग्रामीण जीवन लोक- संस्कृति का सूक्ष्म, संवेदनशील एवं सौन्दर्य पूर्ण चित्र प्रस्तुत करता है। उनके साहित्य में प्राकृतिक दृश्य, ऋतु वर्णन, ग्राम परिवेश, लोक सौन्दर्य और आध्यात्मिकता का गहरा और भावनात्मक समन्वय में मिलता है। यह शोध-पत्र काव्य में निहित प्रकृति सौंदर्य और सौंदर्य चेतना सामग्र एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है।
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