Author(s): Dr. Lata Vardhan
Abstract:
भारतीय समाज में स्त्री अध्ययन एक महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्र के रूप में विकसित हुआ है, यह केवल महिलाओं की स्थिति का अध्ययन नहीं है बल्कि समाज में लैंगिक असमानता, सत्ता संरचना, सामाजिक न्याय और समानता के प्रश्नों का विश्लेषण भी करता है। इस शोध पत्र में स्त्री अध्ययन के विकास, इसके ऐतिहासिक चरणों, प्रमुख विचारधाराओं तथा भारतीय संदर्भ में इसके प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। भारतीय समाज परंपरागत रूप से पितृसत्तात्मक रहा है, जहां महिलाओं की भूमिका कार्यों तक सीमित थी। लेकिन शिक्षा, कानून, सामाजिक सुधार आंदोलन और औद्योगीकरण के प्रभाव से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में परिवर्तन स्त्री अध्ययन इसी परिवर्तन को समझने और लैंगिक समानता स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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