शिक्षा ग्रंथों में नैतिक मूल्य

Author(s): डॉ सुरेश कुमार

Abstract:

मानव जीवन की सार्थकता एवं उत्कृष्टता का आधार नैतिक मूल्य हैं। ये मूल्य ही मनुष्य को पशुता से देवत्व की ओर ले जाने वाली सीढ़ियाँ हैं। भारतीय संस्कृति और दर्शन में इन नैतिक मूल्यों के संरक्षण, संवर्धन एवं संप्रेषण का दायित्व शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि उन शिक्षा-ग्रंथों पर भी रहा है, जो सहस्राब्दियों से हमारे जीवन के मार्गदर्शक रहे हैं। ये ग्रंथ केवल ज्ञान का भंडार नहीं हैं, बल्कि जीवन जीने की कला के सूत्रधार हैं। वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, स्मृति ग्रंथ, नीति शास्त्र आदि अनेक ग्रंथों में नैतिकता के स्वरूप को अत्यंत सूक्ष्मता एवं व्यापकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह निबंध इन्हीं शिक्षा ग्रंथों में निहित नैतिक मूल्यों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत करेगा।

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