International Journal of Multidisciplinary Horizon
ISSN No. : XXXX – XXXX
Peer Reviewed Journal
Author’s Helpline : +91 – 8368 241 690
Mail to Editor: [email protected]
ISSN No. : XXXX – XXXX
Peer Reviewed Journal
Author’s Helpline : +91 – 8368 241 690
Mail to Editor: [email protected]
Author(s): योगेश चन्द्र पाण्डेय, डॉ. कैलाश चन्द्र
दक्षिण एशिया राजनीतिक रूप से अतिमहत्वपूर्ण क्षेत्र है। 21वीं सदी में इस क्षेत्र का राजनीतिक महत्व और वृहत हो गया है। वैश्विक व्यवस्था में बहु-ध्रुवीय राजनीति में भारत जहां एक मजबूत शक्ति के रूप में उभर रहा है, वहीं चीन अपनी महत्वाकांक्षाओं को नयी उड़ान देने का प्रयास कर रहा है। इन परिस्थितियों में भारत राजनीतिक रूप से इस क्षेत्र में लोकतंत्र का ध्वजवाहक बन कर उभरा है। भारत में लोकतंत्र दक्षिण एशिया में स्थिर राजनीति के आधार स्तम्भ रहा है तथा चीन की विस्तारवादी तथा वर्चस्ववादी नीति के समक्ष महत्वपूर्ण चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है। परंतु हाल के वर्षों में लोकतंत्र पर अध्ययन करने वाली संस्थाओं जैसे कि फ्रीडम हाउस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्र से हटाकर आंशिक रूप से स्वतंत्र की श्रेणी में रखा है। विश्व में लोकतंत्र का अध्ययन करने वाली संस्थाओं ने भी दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के संबंध में चेताने की चेष्ठा की है। वहीं कुछ अन्य घटनाक्रमों पर दृष्टिपात करने से जो चित्र उभरता है वह दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के समक्ष उभर रही गंभीर चुनौतियाँ की ओर ध्यान आकृष्ट करता है। बांग्लादेश में 2024 का घटनाक्रम हो अथवा श्रीलंका की 2022 की आपात स्थिति, इन घटनाओं ने दक्षिण एशिया राजनीतिक व आर्थिक स्थिति के प्रश्नों को गंभीर बनाया है। यह शोधपत्र दक्षिण एशिया में उभर रही इन चुनौतियों का सारगर्भित अध्ययन प्रस्तुत करता है। दक्षिण एशिया में लोकतंत्र के समक्ष आज अफगानिस्तान, पाकिस्तान तथा बांग्लादेश जैसी बड़ी चुनौतियाँ हैं, साथ ही भारत जैसे राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में लोकतान्त्रिक छवि पर प्रश्न उठ रहे हैं। इन परिस्थितियों में दक्षिण असियाई राष्ट्रों के मध्य वृहद सहयोग की स्थिति के अभाव पर भी यह शोध पत्र प्रकाश डालता है। शोध पत्र दक्षिण एशिया के समान अन्य क्षेत्रीय सहयोग के मुख्य संगठनों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। क्षेत्रीय राजनीतिक सहयोग संवर्धन के लिए किए गए प्रयासों का मूल्यांकन करते हुए यह शोध पत्र भविष्य की संभावनाओं की पहचान करता है तथा समाधान प्रस्तुत करता है।