पण्डितहरिप्रसादद्विवेदिशास्त्रीविरचितस्य गोस्वामितुलसीदासचरितमहाकाव्ये महाकाव्यलक्षणसमन्वयः

आधुनिक समय में परिवर्तित परिवेश से उत्पन्न मानसिक विकारों में हठयौगिक षट्कर्म (त्राटक क्रिया) एवं आयुर्वेदिक पंचकर्म (शिरोधारा) की महत्ता एवं उपयुक्तता।

सामवेदीय-सप्तप्रधानस्वराणां शास्त्रीयं, प्रयोगात्मकं, दार्शनिकं च विवेचनम् (A Critical, Practical, and Philosophical Analysis of the Seven Principal Notes of Samaveda)